विकास का दौर चल रहा है। विकास आता है प्रकृति की बलि चढ़ाकर। अजीब परिभाषा है विकास की।
खैर इस परिभाषा को चरित्रार्थ करने के प्रयत्न में तेलंगाना सरकार ने एक अक्लमंद निर्णय लिया। Hyderabad Central University के पास Kancha Gachibowli जंगल है करीब 400 एकड़ के क्षेत्र में। सरकार ने bulldozer भेज दिए – लगभग 50। सरकार चाहती थी कि पेड़ों को काट दिया जाए, ज़मीन साफ़ किया जाए। विकास आएगा। एक IT Park बनाएंगे। 50,000 करोड़ रूपए का निवेश होगा, 5 लाख लोगों को नौकरियां मिलेंगी।
कौन सुनेगा जानवरों की?
कहां सरकार की विकास को गति देने वाली मंशा, गरीबी और बेरोज़गारी मिटाने की नीयत और कहां जंगल के ये चंद लाख पेड़ और कुछ हज़ार जीव जंतु। मनुष्य की भोगवादी विकास यात्रा में इन पेड़ों और जंतुओं की आहुति चढ़ जाना ही उचित है। वहीं किया सरकार ने। चलवा दिए bulldozer, कटने लगे पेड़। सरकार को लगा कि जब इंसानों की आवाज़ तक दबा दी जाती है तो ये तो कमबख्त जानवर हैं। इन्हें कौन सुनेगा?
मामला उल्टा पड़ गया। जानवरों, पक्षियों का रूदन सोशल मीडिया के माध्यम से जनमानस तक पहुंच गया। विकास और भोगवाद की लिप्सा में डूबे मानव की चेतना फड़फड़ा उठी। इन मयूरों के रूदन ने मनुष्यों के मनुष्य होने की याद दिला दी।
छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर पुलिस की लाठी
वहां ज़मीन पर Hyderabad Central University के छात्र विरोध कर रहे थे तो यहां सोशल मीडिया पर आम यूज़र क्रोध प्रदर्शित कर रहा था। सरकार ने भी हार नहीं मानी। पुलिस से छात्रों की झड़प हुई तो छात्रों को घसीट-घसीट कर पुलिस ने हिरासत में लिया।
30 मार्च से लेकर 2 अप्रैल तक सरकार द्वारा Kancha Gachibowli जंगल के साथ उत्पीड़न किया गया। करीब 2 sq. KM जंगल साफ़ भी हो गया। 400 पेड़ गिरा दिए गए।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले का संज्ञान लिया
हाय रे लोकतंत्र! सरकार पर भी बंदीशें हैं। सुप्रीम कोर्ट बीच में आ गया। हिम्मत तो देखो। मामले का स्वत: संज्ञान लिया। Kancha Gachibowli जंगल में अगले निर्णय तक कोई भी एक्शन लेने से रोक लगा दी। बेचारे विकास के दूत बने बुलडोजरों को वापस लौटना पड़ा।
केंद्र सरकार ने तेलंगाना सरकार को नोटिस भेजा
केंद्र सरकार ने भी तेलंगाना सरकार को नोटिस भेजा है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने तेलंगाना सरकार से जंगल में पेड़ गिराने को लेकर factual report मांगी है।
राज्य सभा में मामले का ज़िक्र करते हुए उन्होंने क्या कहा आइए देखते हैं:
तेलंगाना में विपक्ष की पार्टी भारत राष्ट्र समिति के नेता KT Rama Rao ने एक साक्षात्कार में कहा कि यदि उनकी पार्टी सरकार में आती है तो पूरे क्षेत्र को biodiversity eco park में बदल देगी और निवेशकों को चेतावनी दिया कि यहां ज़मीन न खरीदें। पूरा video देखिए।