RailOne App : केंद्रीय रेलवे मंत्रालय ने 1 जुलाई को ट्रेन यात्रियों के लिए एक सुविधाजनक उपहार दिया है। वो उपहार है एक ऐप – RailOne. RailOne वो ऐप है जहां आप पर अब न केवल रिज़र्व्ड टिकट बुक कर सकते हो बल्कि अनारक्षित टिकट भी बुक कर पाओगे। यहां तक कि अब प्लेटफॉर्म टिकट बुक करना भी इस ऐप के माध्यम से संभव है। मतलब रेलवे ने पूरा मूड बना लिया है कि रिज़र्वेशन काउंटर अब खाली ही रहेंगे। हर तरह का टिकट अब आप एक मात्र RailOne ऐप के जरिए पा सकते हो।
इस ऐप को मंगलवार यानि 1 जुलाई को केंद्रीय रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली में लॉन्च किया गया। इस ऐप को बनाया है रेलवे की एक PSU ने जिसका नाम है Centre for Railway Information Systems (CRIS).
RailOne से बुकिंग पर 3% डिस्काउंट भी
एक रेलवे प्रवक्ता ने कहा, “यह एक संपूर्ण, ऑल-इन-वन एप्लिकेशन है जिसमें उपयोगकर्ता के अनुकूल इंटरफेस है। यह ऐप android play store और IOS app store पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध है”। RailOne ऐप सभी पैसेंजर सर्विसेज़ को इंटिग्रेट कर देता है यानि एक स्थान पर ला देता है। अगर आप इस ऐप के माध्यम से अपना अनारक्षित टिकट या प्लैटफॉर्म टिकट खरीदते हैं तो आपको 3% डिस्काउंट भी मिलेगा।
इसके अलावा ट्रेन सर्च करना, ट्रेन का स्टेटस पता लगाना, PNR स्टेटस पता करना, शिकायत निवारण करना, टिकट रिफंड के लिए आवेदन, या खाना ऑर्डर करना, टैक्सी बुकिंग करना – ये सारी सुविधाएं भी इस RailOne ऐप पर आपको मिलेंगी।
रेलवे प्रवक्ता ने कहा, “आरक्षित टिकटों की सुविधा आईआरसीटीसी (भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम, जो रेलवे के लिए टिकटिंग, खानपान और पर्यटन सेवाएं प्रदान करने वाला सार्वजनिक उपक्रम है) पर पहले की तरह जारी रहेगी। रेलवन ऐप को भी आईआरसीटीसी द्वारा अधिकृत किया गया है, ठीक वैसे ही जैसे कई अन्य व्यावसायिक ऐप्स ने आईआरसीटीसी के साथ साझेदारी की है”।
mPIN या बायोमेट्रिक के माध्यम से लॉगिन
रेलवन ऐप में सिंगल साइन-ऑन की सुविधा है, जिसमें mPIN या बायोमेट्रिक के माध्यम से लॉगिन किया जा सकता है। यह ऐप मौजूदा रेलकनेक्ट और यूटीएस क्रेडेंशियल्स को भी सपोर्ट करता है। यूटीएस भारतीय रेलवे का मोबाइल टिकटिंग एप्लिकेशन है, जो रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों को अनारक्षित टिकट बुक करने की सुविधा देता है। अधिकारियों ने बताया कि रेलवन ऐप डिवाइस की स्टोरेज बचाता है क्योंकि कई अलग-अलग ऐप इंस्टॉल करने की जरूरत नहीं रहती।
सीआरआईएस से भारतीय रेलवे के डिजिटल कोर को और मजबूत करने पर जोर देते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मौजूदा पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (पीआरएस) को अपग्रेड करने में हुई प्रगति के लिए सीआरआईएस टीम की सराहना की। प्रवक्ता ने कहा, “आधुनिक पीआरएस तेज, बहुभाषी और वर्तमान लोड से 10 गुना अधिक संभालने में सक्षम होगा। यह प्रति मिनट 1.5 लाख टिकट बुकिंग और 40 लाख पूछताछ करने में सक्षम होगा।”
RailOne : सीरियस रिस्क
X पर बहुत सारे लोगों ने पोस्ट करके बताया कि फोन में RailOne ऐप इंस्टॉल करने पर सीरियस रिस्क, हाई रिस्क लेवल और प्राइवेसी ब्रीच होने जैसे अलर्ट मिल रहे हैं। उम्मीद है रेलवे इसको भी जल्दी ठीक कर देगी। कुल मिलाकर रेलवे संबंधित अधिकतम सुविधाएं इस एक ऐप पर आपको उपलब्ध कराने पर रेलवे का पूरा जोर है।
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