Parakh National Survey 2025: भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद द्वारा हर चार वर्ष में आयोजित होने वाले (Parakh National Survey 2025) परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2025 रिपोर्ट को जारी कर दिया है।
रिपोर्ट में 9 वीं कक्षा के मात्र 31% बच्चे Integer और Fraction जानते हैं। 28% बच्चे ही ऐसे हैं जिन्हें परसेंटेज कैलकुलेट करना आता है। और 9 वीं कक्षा के बच्चे हैं। इन्हें परसेंटेज कैलकुलेट करना नहीं आता। और ये मैं नहीं कह रहा हूं, न कोई विदेशी संस्था कह रही है। ये खुद भारत सरकार कह रही है। शिक्षा मंत्रालय की एक रिपोर्ट आई है – (Parakh National Survey 2025) परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2025।
परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण से पता चला है कि भारत भर में कक्षा 3, 6 और 9 के छात्रों में सीखने की महत्वपूर्ण कमी है। 782 जिलों में आयोजित और कक्षा 3, 6 और 9 के 23 लाख से अधिक विद्यार्थियों को शामिल करते हुए, राष्ट्रीय सर्वेक्षण भाषा, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान जैसे मुख्य विषयों में सीखने के स्तर पर प्रकाश डालता है। सर्वेक्षण के परिणाम उच्च कक्षाओं के विद्यार्थियों में बुनियादी दक्षताओं, विशेषकर गणित और विज्ञान में महत्वपूर्ण कमी दर्शाते हैं। तो आइए अब कक्षा 3,6 और 9 के छात्रों के ऊपर हुए इस सर्वे के जो परिणाम हैं उनके मुख्य बिंदुओं को समझते हैं।

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कक्षा 3 : Parakh National Survey 2025
भाषा
मात्र 67% छात्र प्रभावी रूप से नये शब्दों का उपयोग और अनुमान लगा सकते हैं।
60% बच्चे स्वतंत्र रूप से लघु कथाएँ यानि छोटी कहानियों को समझ सकते हैं।
61% समाचार, निर्देश और बुनियादी सामग्री पढ़ सकते हैं।
गणित
- 68% छात्र वस्तुओं को उनकी अलग-अलग properties के आधार पर वर्गीकृत कर सकते हैं।
- मात्र 55% छात्र 99 तक की संख्याओं को क्रम से व्यवस्थित कर सकते हैं।
- केवल 54% छात्रों ने multiplication को बार-बार होने वाले जोड़ के रूप में समझा।
- आधे छात्रों को basic geometry और मामूली financial transactions में कठिनाई हुई।
कक्षा 6 : Parakh National Survey 2025
गणित
- केवल 54% ही place value संरचना का सही उपयोग कर सके।
- केवल 29% ही सामान्य fractions को समझ और प्रस्तुत कर सके।
- केवल 38% ही whole numbers पर real life puzzles को solve कर पाए।
Environmental Studies
- 44% अपने आस-पास के तत्वों की पहचान कर सके।
- केवल 38% ने प्रकृति में अवलोकनीय पैटर्न के बारे में प्रश्न पूछे और भविष्यवाणियां कीं।
- 56% छात्र बाजार, स्कूल और पंचायत जैसी स्थानीय संस्थाओं की कार्यप्रणाली के बारे में बता सके।
कक्षा 9 : Parakh National Survey 2025
सामाजिक विज्ञान
- मात्र 45% छात्र संवैधानिक सिद्धांतों और राष्ट्रीय आंदोलन के आदर्शों को समझते हैं।
- केवल 54% छात्र ही समाचार रिपोर्टों या संपादकीयों में मुख्य बिंदुओं की पहचान कर सके।
गणित
- 31% ने integers और fractions जैसे संख्या समूहों को समझा।
- केवल 28% ही परसेंटेज कैलकुलेशन को प्रभावी ढंग से लागू कर सके।
विज्ञान
- 37% उत्तर प्राकृतिक घटनाओं जैसे हवा या दबाव में अंतर की व्याख्या कर सके।
- एक तिहाई छात्र सरल सर्किट और बिजली की समझ प्रदर्शित कर सके।
- 34% छात्र जीवित और निर्जीव वस्तुओं की विशेषताओं में अंतर कर सके।

तो ये हाल है हमारे बच्चों का। बड़ा बुरा हाल है। जैसे-जैसे छात्र उच्च कक्षाओं में आगे बढ़ रहे हैं, सीखने की कमी बढ़ती जा रही है , खासकर गणित और विज्ञान जैसे वैचारिक विषयों में। और हकीकत तो ये है कि हम अनभिज्ञ नहीं हैं इन बातों से। फर्क ही किसको पड़ता है। मां-बाप को डिग्री चाहिए, बच्चे और मास्टर को छुट्टी चाहिए, प्रशासन को उपर की कमाई चाहिए। बहुत कम ही छात्र या मां-बाप हैं इस देश में जो वास्तव में शिक्षा को सम्मान दे पाते हैं और वो फिर ऐसी व्यवस्था के बीच संघर्ष करते हैं।
इस रिपोर्ट पर आपकी क्या राय है कमेंट करके अवश्य बताएं। धन्यवाद।
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