NDA 1st Batch Of Women: देश ने रक्षा क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल की है। उपलब्धि ये है कि भारतीय रक्षा तंत्र अब अधिक समावेशी है। उपलब्धि ये है कि महिलाएं भी रक्षा क्षेत्र में अपना पराक्रम दिखाने का, देश सेवा करने का अब अधिक अवसर पाएंगी। एक ऐतिहासिक उपलब्धि के तौर पर 17 महिला cadets का पहला बैच शुक्रवार को पुणे स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) से स्नातक हो गया। बैच में 300 से अधिक पुरुष भी थे।
यह पहला सह-शिक्षा बैच यानि को-एड बैच है, जिसने यह उपलब्धि हासिल की है। कैडेटों ने खड़कवासला में त्रि-सेवा प्रशिक्षण अकादमी के खेत्रपाल परेड ग्राउंड में ‘अंतिम पग’ का प्रदर्शन किया। इसे आम तौर पर ‘नेतृत्व का पालना’ के रूप में जाना जाता है। पूर्व सेना प्रमुख और मिजोरम के वर्तमान राज्यपाल जनरल वीके सिंह पासिंग आउट परेड के समीक्षा अधिकारी थे।
पहली बार NDA से महिला Graduates निकली हैं। और यकीनन ये आखिरी बैच नहीं है। आज जिनकी संख्या 339 में से मात्र 17 है, कल वो बढ़ेगी। ये Graduate लड़कियां देश की तमाम अन्य लड़कियों को हौसला देंगी और समाज में सशक्तिकरण का संदेश देंगी ठीक वैसे जैसा हम महसूस करते थे Operation Sindoor के दौरान TV Screen पर लेफ्टिनेंट कोलोनल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह को देखकर।
जनरल सिंह ने कहा, ‘आज अकादमी के इतिहास में एक अनोखा महत्वपूर्ण दिन है, क्योंकि एनडीए से महिला कैडेटों का पहला बैच पास आउट हुआ है। यह अधिक समावेशिता और सशक्तिकरण की दिशा में हमारी सामूहिक यात्रा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है।’ उन्होंने कहा कि ये युवतियां नारी शक्ति का अपरिहार्य प्रतीक हैं, जो न केवल महिलाओं के विकास, बल्कि महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं एक ऐसे भविष्य की कल्पना करता हूं, जो अब से बहुत दूर नहीं है, कि इनमें से कोई एक युवतियां जिस सेवा में जाती हैं, उसमें सर्वोच्च भूमिका निभाएं।’
दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन मौजूद थीं। उन्होंने कहा, ‘एनडीए अब तक 40,000 से ज्यादा अफसर तैयार कर चुका है, जो देश के लिए युद्ध और शांति दोनों में गौरव लाए हैं।’ उन्होंने महिला कैडेट्स की उपलब्धि को खास बताते हुए कहा, ‘आपने सिर्फ अपनी सफलता नहीं पाई, बल्कि देश की हजारों लड़कियों को सपना देखने की ताकत दी है। आप परिवर्तन, साहस और क्षमता की प्रतीक हैं।’
कुल 339 कैडेट्स को मिली डिग्री
दिल्ली की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) से कुल 339 कैडेट्स को स्नातक की डिग्रियां दी गईं। इनमें 84 कैडेट्स को B.Sc डिग्री, 85 को कंप्यूटर साइंस, 59 को बी.ए. (Bachelor of Arts) और 111 को बीटेक (B.Tech) की डिग्री मिली। साइंस स्ट्रीम में कैडेट लकी कुमार ने पहला स्थान हासिल किया। कंप्यूटर साइंस स्ट्रीम में प्रिंस कुमार सिंह कुशवाह टॉपर रहे। आर्ट्स स्ट्रीम में श्रीति दक्ष ने पहला स्थान पाया। श्रीति उन 17 महीला cadets में से एक हैं। बीटेक स्ट्रीम में उदयवीर सिंह नेगी टॉपर बने।
महिलाओं के लिए कब खुला NDA का रास्ता?
तो साल 2021 तक महिलाएं एनडीए में शामिल नहीं हो सकती थीं। 2021 में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद संघ लोक सेवा आयोग यानि यूपीएससी ने महिलाओं को एनडीए में प्रवेश की अनुमति दी थी। इसके बाद महिलाओं का पहला बैच 2022 में एनडीए में शामिल हुआ था। अब, दो साल की कठिन ट्रेनिंग पूरी कर ये 17 महिला कैडेट्स देश के तीनों रक्षा अंगों – थल सेना, नौसेना और वायुसेना – में अधिकारी बनने के लिए तैयार हैं।
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