Donald Trump का दावा –भारत नहीं करेगा रूसी उत्पादों का आयात, मोदी से हुई कॉल पर बात

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने एक टिप्पणी की है जिसमें उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस से तेल लेना बंद करने वाले हैं। इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा कि उन्हें ऐसे किसी भी फोन कॉल की जानकारी नहीं है।

Donald Trump ने पीएम मोदी से की बात

बुधवार 15 अक्टूबर को व्हाइट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक दावा करा जो भारत से जुड़ा हुआ है। Donald Trump का दावा है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन कॉल पर उन्हें आश्वासन देते हुए कहा है कि वे रूस से तेल आयात बंद कर देंगे। उनकी इस टिप्पणी के बाद 16 अक्टूबर को भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि उन्हें ऐसी किसी भी फोन कॉल की जानकारी नहीं है और ना ही कोई रिकॉर्ड्स मौजूद है। ये बयान संकेतात्मक तरीक़े से Donald Trump के इस बयान को ख़ारिज करता है।


जानिए पूरा मामला


दरअसल रूस ने फ़रवरी 2022 में पूर्ण सैन्य बल के साथ यूक्रेन पर हमला कर दिया था जिससे एक महायुद्ध छिड़ गया। इस लड़ाई में यूक्रेन को अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ का सहयोग मिला जबकि रूस को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। रूस के ऊपर अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन तथा यूक्रेन की संप्रभुता को ठेस पहुंचने का आरोप है। इसके चलते रूस को पश्चिमी देशों द्वारा दिए गए कई आर्थिक प्रबंधो का सामना करना पड़ा। रूस पर बैंकिंग प्रतिबंध, ऊर्जा व्यापार पर रोक, कंपनी और उद्योगों पर पाबंदी समेत कई अन्य पाबंदियों का सामना करना पड़ रहा है। पश्चिमी देशों द्वारा लगाई गई इन प्रतिबंधो का मुख्य कारण था रूस की आर्थिक स्थिति को कमजोर करना ताकि वो युक्रेन पर सैन्य कार्यवाही जारी ना रख पाए।


रूस की अर्थव्यवस्था को एशियाई देशों का सहारा

रूस की अर्थव्यवस्था बुरी तरह डगमगाती हुई दिखी लेकिन उसने एशियाई देशों (खासकर चीन और भारत) का सहारा लेकर अपनी इस डगमगाती हुई अर्थव्यवस्था को संभाल लिया। इस कारण रूस पर इन प्रतिबंधो का खास असर देखने को नहीं मिला।

इन प्रतिबंधों के बाद रूस के तेल और गैस का वैश्विक मूल्य काफ़ी घट गया है। चूंकि ज़्यादातर देशों का समर्थन यूक्रेन को है इसलिए रूस के उत्पादों का निर्यात कम हो गया है। अपने उत्पादों को बेचने के लिए रूस ने डिस्काउंट देना शुरु कर दिया। जिसका फ़ायदा उन देशों को हो रहा जो रूस से उत्पाद आयात कराते हैं। भारत भी उनमें से एक है। भारत द्वारा रूसी उत्पाद का आयात दोनों ही देशों के लिए लाभकारी होगा।

सस्ते दामों में भारत को फायदा

भारत को क्रूड ऑयल का आयात सस्ते दामों में होगा जिससे घरेलू पेट्रोल–डीज़ल की कीमतों में स्थिरता आएगी। इतना ही नहीं भारत में महंगाई भी नियंत्रित रहेगी तथा ऊर्जा सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। वहीं भारत जैसे बड़े देशों द्वारा रूसी उत्पादों का आयात रूस की अर्थव्यवस्था को मज़बूत कर रहे हैं।

शायद इसी बात से खफा होकर Donald Trump ने ये दावा किया। सूत्रों के मुताबिक ट्रंप नहीं चाहते कि भारत रूसी उत्पाद आयात कराए। भारत का ऐसा करने से रूस की अर्थव्यवस्था कमज़ोर हो जाएगी और रूस यह युद्ध जारी नहीं रख पाएगा। हालांकि भारत की पहली प्राथमिकता ऊर्जा सुरक्षा और उपभोक्ता हित ही होगी।

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