Nobel Prize in Economics 2025 : इनोवेशन के माध्यम से आर्थिक तरक्की संभव

Nobel Prize in Economics 2025 Joel Mokyr, Philippe Aghion और Peter Howitt, इन तीन अर्थशास्त्रियों को दिया गया है।

अवार्ड देने का कारण

Innovation driven economic growth समझाने के लिए। यानि नवाचार – प्रेरित आर्थिक विकास। इसका यह मतलब है कि नवाचार किसी भी देश के आर्थिक विकास में सहायक होता है।

पुरस्कार का आधा हिस्सा Joel Mokyr को

The Royal Swedish Academy of Sciences ने मंगलवार को इस अवार्ड की घोषणा की। अकादमी के अनुसार, पुरस्कार का आधा हिस्सा Joel Mokyr को दिया गया है “तकनीकी प्रगति के माध्यम से सतत आर्थिक वृद्धि के लिए आवश्यक पूर्वापेक्षाओं की पहचान करने” के लिए, जबकि बाकी आधा हिस्सा Philippe Aghion और Peter Howitt को “रचनात्मक विनाश के माध्यम से सतत वृद्धि के सिद्धांत” के लिए संयुक्त रूप से दिया गया है।

नए उत्पाद पुराने की जगह लेते रहते हैं

पिछले दो शताब्दियों में, इतिहास में पहली बार, दुनिया ने लगातार आर्थिक वृद्धि देखी है, जिसने असंख्य लोगों को गरीबी से बाहर निकाला और समृद्धि की नींव रखी।

नोबेल पुरस्कार संगठन के अनुसार, सन् 2025 के विजेताओं ने यह समझाया है कि नवाचार (innovation) किस प्रकार आगे की प्रगति के लिए प्रेरणा और गति प्रदान करता है।

प्रौद्योगिकी तेजी से आगे बढ़ रही है और हम सभी को प्रभावित करती है। नए उत्पाद और उत्पादन के तरीके पुराने तरीकों की जगह लेते रहते हैं — यह एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। यही सतत आर्थिक वृद्धि (sustained economic growth) का आधार है, जिसके परिणामस्वरूप विश्वभर में जीवन स्तर, स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता में सुधार होता है।

मानव इतिहास के अधिकांश काल में ठहराव ही सामान्य स्थिति

हालाँकि, मानव इतिहास के अधिकांश काल में ठहराव (stagnation) ही सामान्य स्थिति रहा है। कभी-कभार खोजें और आविष्कार हुए, लेकिन विकास अक्सर एक स्तर पर आकर रुक जाता था।

2025 के नोबेल पुरस्कार विजेताओं ने यह सिखाया है कि सतत आर्थिक वृद्धि को स्वाभाविक या निश्चित नहीं माना जा सकता। उनके कार्य से यह स्पष्ट होता है कि निरंतर वृद्धि के लिए खतरे — जैसे कि बाज़ार पर एकाधिकार, शैक्षणिक स्वतंत्रता पर प्रतिबंध, ज्ञान के असमान विस्तार, और सामाजिक अवरोध — को सक्रिय रूप से रोकना आवश्यक है, ताकि हम दोबारा ठहराव की स्थिति में न लौट जाएँ।

Philippe Aghion और Peter Howitt ने “रचनात्मक विनाश” का एक गणितीय मॉडल तैयार किया, जिसने यह दिखाया कि नए नवाचार कैसे पुराने उत्पादों को प्रतिस्थापित करते हैं, जिससे समाज को लाभ होता है और पुरानी कंपनियाँ प्रतिस्पर्धा में पीछे रह जाती हैं।

उनका मॉडल यह दर्शाता है कि अनुसंधान और विकास तथा आर्थिक वृद्धि बाज़ार की स्थितियों और अन्य गतिशील कारकों से किस प्रकार प्रभावित होती है।

Joel Mokyr के आर्थिक इतिहास पर किए गए शोध ने इस बात पर प्रकाश डाला कि उपयोगी ज्ञान का निरंतर प्रवाह — चाहे वह सैद्धांतिक (propositional) हो (प्राकृतिक जगत के व्यवस्थित वर्णन के रूप में) या व्यावहारिक (prescriptive) (व्यवहारिक निर्देशों या विधियों के रूप में) — सतत वृद्धि के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि समाजों को नए विचारों के प्रति खुला और परिवर्तन के प्रति अनुकूल रहना चाहिए, ताकि नवाचार (innovation) दीर्घकालिक समृद्धि (long-term prosperity) ला सके।

तीन विजेता

Joel Mokyr नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी (अमेरिका), Philippe Aghion – कॉलेज डे फ्रांस, INSEAD (पेरिस) और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (ब्रिटेन) और Peter Howitt ब्राउन यूनिवर्सिटी (अमेरिका) में कार्यरत हैं।

The Sveriges Riksbank Prize in Economic Sciences

यह पुरस्कार, जिसका औपचारिक नाम है “अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति में स्वीडन के केंद्रीय बैंक (Sveriges Riksbank) द्वारा स्थापित आर्थिक विज्ञान का पुरस्कार” (The Sveriges Riksbank Prize in Economic Sciences in Memory of Alfred Nobel), 1968 में स्वीडन के केंद्रीय बैंक द्वारा अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति में स्थापित किया गया था। हालाँकि यह नोबेल की मूल वसीयत का हिस्सा नहीं था, फिर भी इसे अन्य नोबेल पुरस्कारों के साथ ही 10 दिसंबर को — जो अल्फ्रेड नोबेल की 1896 में मृत्यु की वर्षगांठ है — प्रदत्त किया जाता है।

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