कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2025 में 48 किलो भार वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल कर Mirabai Chanu ने फिर से इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज़ करा लिया। पेरिस ओलिंपिक में एक महत्वपूर्ण जीत के सालभर बाद फिर अपना जलवा बिखेरा।
अहमदाबाद में सम्पन्न हुई कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता
टोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता Mirabai Chanu ने स्वर्ण पदक जीत कर अपनी शानदार वापसी करी है। अहमदाबाद में सम्पन्न हुई कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में महिलाओं के 48 किलोग्राम वजन वर्ग में कुल 193 किलोग्राम वजन उठाया, जिसमें 84 कीलोग्राम स्नैच और 109 कीलोग्राम क्लीन एंड जर्क शामिल हैं। तीनों श्रेणियों में नए रिकॉर्ड स्थापित करते हुए उन्होंने स्वर्ण पदक अर्जित किया।
Glasgow गेम्स में जगह बना ली
अपनी जीत स्थापित करते हुए चानू ने अगले वर्ष ग्लासगो गेम्स में अपनी जगह बना ली है। इंजरी से जूझ चुकी मीराबाई चानू ने अपनी मजबूती का प्रमाण प्रत्यक्ष रूप से दिया। Mirabai Chanu ने 2028 लॉस एंजेल्स खेलों के लिए नए ओलंपिक भार वर्ग लागू होने के बाद 49 किलोग्राम से 48 किलोग्राम में जाने का फैसला किया। चानू ने अपनी इस जीत का श्रेय उनकी कड़ी मेहनत, अपने कोच और देशवासियों के प्रेम एवं समर्थन को दिया। चानू ने कहा की वो अपना पूरा ध्यान एशियाई खेल पर देना चाहती हैं।
उन्होंने कहा था, ‘‘मैं अहमदाबाद में पूरी ताकत नहीं लगाऊंगी क्योंकि मैं विश्व चैंपियनशिप की तैयारी कर रही हूं। मेरा सबसे बड़ा लक्ष्य एशियाई खेल हैं जहां मेरा लक्ष्य विश्व रिकॉर्ड तोड़ना और पदक जीतना है क्योंकि मैंने अभी तक वहां कोई रिकॉर्ड नहीं बनाया है।’’
निश्चित तौर पर Mirabai Chanu का ये किर्तिमान समूचे देश के लिए गर्व की बात है, महीला सशक्तिकरण का एक चमकता हुआ उदाहरण है। हम उनके आने वाले लक्ष्यों की सफलतापूर्वक पूर्ति की कामना करते हैं।
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