लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा का सत्र चल रहा था। अंतिम दिन बहुत महत्वपूर्ण विधेयक पास हुआ। यूपी के कर्मठ विधायकों और मंत्रियों की तनख्वाह बढ़ा दी गई है स्वयं यूपी के कर्मठ विधायकों द्वारा।
विधानमंडल के दोनों सदनों विधान सभा व विधान परिषद में गुरुवार को उत्तर प्रदेश राज्य विधानमंडल सदस्य तथा मंत्री सुख-सुविधा विधि (संशोधन) विधेयक 2025 को सर्वसम्मति से पास कर दिया गया। विधान सभा में संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने इस विधेयक को पेश किया और मिनटों में ही इसे पास भी करा लिया गया।
विधायकों और मंत्रियों की सैलरी में इजाफ़ा
विधायकों को अब करीब 85 हजार रुपये प्रति माह का लाभ होगा। विधायकों को 2 लाख 11 हज़ार रुपये के बजाय अब 2 लाख 96 हज़ार रुपये प्रति माह मिलेगा। इसमें यात्रा कूपन भी शामिल हैं। मंत्रियों को 2 लाख 21 हज़ार रुपये के स्थान पर अब 3 लाख 05 हज़ार रुपये प्रति माह मिलेगा। इसका लाभ इन्हें एक अप्रैल 2025 से मिलेगा। प्रत्येक पांच वर्ष में प्राइस इंडेक्स के आधार पर इसमें अपने आप वृद्धि हो जाएगी।
विधेयक रखते हुए खन्ना ने बताया कि करीब नौ साल पहले अगस्त 2016 में वेतन एवं भत्ते बढ़े थे। सभी दलों की मांग पर कमेटी बनाई गई थी। कमेटी की संस्तुति के आधार पर बढ़ोतरी की गई है। इसके तहत मंत्रियों का वेतन अब 40 हजार रुपये के स्थान पर 50 हजार कर दिया गया है, जबकि विधायकों का 25 हजार रुपये के स्थान पर 35 हजार रुपये प्रति माह किया गया है। विधायकों के मासिक वेतन में बढ़ोतरी के अन्य मदों में क्षेत्रीय भत्ता शामिल है, जिसे ₹50,000 प्रति माह से बढ़ाकर ₹75,000 प्रति माह कर दिया गया है। सचिवीय भत्ता ₹20,000 प्रति माह से बढ़ाकर ₹30,000 प्रति माह और चिकित्सा भत्ता ₹30,000 प्रति माह से बढ़ाकर ₹45,000 प्रति माह कर दिया गया है।
पूर्व विधायकों की पेंशन में वृद्धि
दोनों सदनों और समितियों की बैठकों के दिनों में दैनिक भत्ता ₹2,000 प्रति दिन से बढ़ाकर ₹2,500 प्रति दिन कर दिया गया है। जबकि अन्य दिनों में लोकसेवा के लिए दैनिक भत्ता ₹1,500 प्रति दिन से बढ़ाकर ₹2,000 कर दिया गया है। टेलीफोन भत्ता ₹6,000 प्रति माह से बढ़ाकर ₹9,000 प्रति माह कर दिया गया है। विधायकों के लिए रेलवे कूपनों की पात्रता ₹4.25 लाख प्रतिवर्ष से बढ़ाकर ₹5 लाख प्रतिवर्ष कर दी गई है। पूर्व विधायकों की पेंशन में वृद्धि की जाएगी। पहली अवधि पूरी होने पर मासिक पेंशन ₹25,000 प्रति माह से बढ़ाकर ₹35,000 कर दी जाएगी। पहली अवधि के बाद, हर वर्ष पूर्ण होने पर प्रति वर्ष ₹2,000 की अतिरिक्त राशि जोड़ी जाएगी।
पारिवारिक पेंशन ₹25,000 प्रति माह से बढ़ाकर ₹30,000 प्रति माह कर दी गई है। पूर्व विधायकों के लिए रेलवे कूपनों की पात्रता ₹1 लाख प्रतिवर्ष से बढ़ाकर ₹1.50 लाख प्रतिवर्ष कर दी गई है। संशोधित वेतन और भत्तों पर अब राज्य सरकार पर ₹105.23 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
खन्ना ने एक बयान में कहा, “राज्य विधानसभा के सदस्यों को मिलने वाले वेतन, भत्ते, पेंशन और अन्य सुविधाएं तथा मंत्रियों का वेतन लंबे समय से संशोधित नहीं किया गया है। महंगाई और जीवन-यापन की लागत में बढ़ोतरी को देखते हुए इसे संशोधित करने का निर्णय लिया गया है ताकि वे अपने संसदीय क्षेत्र के कार्य को सार्थक ढंग से निभा सकें।”
यूपी विधानसभा का सत्र अंतिम दिन पूरे 24 घंटे चला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के लिए “Vision 2047” प्रस्तुत किया। “विजन-2047” दस्तावेज़ को राज्य के 25 करोड़ लोगों की आशाओं और आकांक्षाओं का आईना बताते हुए मुख्यमंत्री योगी ने इसे “विकसित भारत के विकसित उत्तर प्रदेश” के विज़न को साकार करने का रोडमैप कहा।
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